रॉकी दूबे, ओबरा
ओबरा प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में गुरुवार को मुस्लिम धर्मावलंबियों का कुर्बानी का त्योहार बकरीद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। पर्व को लेकर सुबह से ही लोगों में उत्साह देखा गया। नए कपड़े पहनकर लोग मस्जिदों में जमा होने लगे थे। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह में मस्जिद जाकर नमाज पढ़कर अमन शांति एवं खुशहाली की दुआएं मांगी। जानकारी देते हुए राजद के प्रदेश सचिव एहसान उल हक अंसारी ने बताया कि नमाज के बाद लोगों ने अल्लाह से राज्य एवं देश के लिए अमन-चैन एवं सद्भावना के साथ रहने की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि ईद उल अजहा कुर्बानी का त्योहार है यह त्योहार हमें प्रेम, सद्भावना, त्याग और बलिदान का प्रेरणा देता है। नमाज के दौरान संबोधित करते हुए इमाम शमशाद आलम ने कहा कि ईद उल अजहा बलिदान एवं संयम का दिन है। कुर्बानी आत्मा को शुद्ध करने का एक उत्तम साधन है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी में इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि दिखावे के लिए न हो। उन्होंने कहा कि हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे हजरत इस्माइल अलेही सलाम को कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए थे। अल्लाह को यह अदा काफी पसंद आई। इसके बाद सभी लोगों ने त्याग एवं समर्पण के प्रतीक स्वरूप के अनुसार बकरे की कुर्बानी दी। उसके बाद से कुर्बानियों का सिलसिला चलता रहा।
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