मरीज मौत मामले में छात्र राजद ने एसडीपीओ से मिल उच्च स्तरीय जांच का किया मांग

रॉकी दूबे, ओबरा

प्रखंड मुख्यालय स्थित राजद कार्यालय में शनिवार को राजद युवा छात्रों द्वारा बैठक कर पुलिस प्रशासन के विरोध थाना घेराव करने को लेकर रणनीति तैयार की जा रही थी। नेतृत्व करते हुए राजद युवा छात्र नेता सुनील कुमार ने बताया कि पिछले सप्ताह ओबरा प्रखंड के अदमा निवासी संजय यादव के पुत्री सीता कुमारी की 12 सितंबर को अरविंद हॉस्पिटल मे इलाज के दौरान मौत हो गई थी जिसे लेकर अरविंद हॉस्पिटल के द्वारा बेवजह युवा वर्ग के लोगों पर प्राथमिकी दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि दर्ज प्राथमिकी में कदियाही निवासी रौशन कुमार मानिकपुर निवासी चंदन कुमार अदमा निवासी विकास कुमार साधु यादव सहित 50 अज्ञात लोगों पर बेवजह प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जिसे लेकर पुलिस प्रशासन के विरुद्ध यूवा ओबरा थाना घेराव को लेकर तैयारी कर रहे थे। सूचना मिलते ही दाउदनगर एसडीपीओ कुमार ऋषि राज ओबरा थानाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा ने दलबल के साथ वहां पहुंचकर उपस्थित सोनहुली पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि संजय राम पैक्स प्रतिनिधि जितेंद्र यादव सुनील कुमार गौतम कुमार तथा जिला पार्षद प्रतिनिधि व अभिषेक कुमार पप्पू यादव सहित लोगों से वार्ता किया वार्ता के दौरान एसीडीपीओ कुमार ऋषि राज ने उपस्थित युवा छात्रों से कहा की उक्त केस में जो काउंटर केस किया गया है निश्चित रूप से इन्वेस्टिगेशन पूरे पारदर्शिता के साथ किया जाएगा जो भी निर्दोष व्यक्ति होंगे निश्चित रूप से उन्हें बरी किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि इसके लिए लड़की पक्ष के लोगों को तथा मृतक परिवार को एसडीपीओ कार्यालय में बुलाया गया है उपस्थित लोगों ने एसडीपीओ से मांग करते हूए कहा की अरविंद हॉस्पिटल के संस्थापक तथा चिकित्सकों के द्वारा प्राथमिक किया गया है तथा आरोप लगाया गया है वह बेबुनियादी है हम लोगों के द्वारा अस्पताल में किसी तरह की कोई दबंगता पूर्वक कार्य नहीं की गई है युवाओं ने कहा कि ओबरा थानाध्यक्ष के उपस्थिति में शांतिपूर्वक अस्पताल कर्मी से बात की गई थी बेवजह हम सबों पर प्राथमिक दर्ज कर फसाया गया है सिर्फ समझौता के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसडीपीओ से मांग करते हुए कहा कि यदि इस तरह की बात है तो अस्पताल में लगाए गए सीसीटीवी कैमरा को जांच कराया जाए लोगों ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि अरविंद हॉस्पिटल में एमबीबीएस डॉक्टर का बोर्ड लगाया गया है परंतु मरीज का इलाज कम्पाउन्डर करते हैं। उन्होंने मांग करते हुए एसडीपीओ से कहा कि जो भी निर्दोष व्यक्ति को फसाया गया है हर हाल में उसे बरी किया जाए नहीं तो बाध्य होकर आंदोलन तथा थाना घेराव किया जाएगा। तब जाकर मामला शांत हुई एसडीपीओ ने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि मामले की जांच करते हुए निश्चित रूप से सहयोग किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *