संवाददाता रॉकी दूबे
दाउदनगर प्रखंड के दूबे खैरा गांव में ए०के०एफ० बिहार ग्रामीण चिकित्सक मंच का स्थापना दिवस सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्रामीण चिकित्सक मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ० मिथिलेश चौबे, शाहाबाद मंडल अध्यक्ष सह संरक्षक डॉ० आलोक तिवारी, मगध प्रमंडल संरक्षक धनंजय कुमार दूबे, औरंगाबाद जिला अध्यक्ष धनंजय उपाध्याय, औरंगाबाद जिला चैयरमैन मिथलेश पाण्डेय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं द्वीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान अतिथियों को आयोजकों ने मोमेंटो एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए ग्रामीण चिकित्सक मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ० मिथलेश कुमार चौबे ने कहा कि कुछ साल पहले ग्रामीण चिकित्सकों को झोला छाप डॉक्टर कह बदनाम किया जाता था कोरोना काल में जितने भी एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस जैसे डिग्रीधारी डॉक्टर थे वे कोरोना के डर से अपना हॉस्पिटल, क्लिनिक बंद कर अपने घरों में दुबक गए थे उस समय ग्रामीण चिकित्सक अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों का जान बचाया। अंततः बिहार सरकार ने फैसला किया कि ग्रामीण चिकित्सकों को कोई भी व्यक्ति झोलाछाप डॉक्टर नहीं कहेगा और अगर कोई ऐसा कहता है तो उस पर कानूनी कारवाई की जाएगी। उन्होंने ग्रामीण चिकित्सकों के हक में आवाज उठाते हुए कहा कि 1 जुलाई को बापू सभागार में होनेवाले कार्यक्रम में यदि ग्रामीण चिकित्सक के पक्ष में सार्थक परिणाम देखने को नहीं मिलता है तो 7 जुलाई को ग्रामीण चिकित्सक मंच रोड मार्च करने को बाध्य रहेगी। इस मौके पर अश्विनी तिवारी, दिनेश चौधरी, सुनील दूबे, चिंटू मिश्रा, मुकेश मिश्रा, रवि पांडेय, रॉकी दुबे सहित अन्य लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहें।
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