रॉकी दूबे, ओबरा
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक सेवा शर्त नियमावली को ले कैबिनेट के द्वारा दी गई मंजूरी पर बिहार राज्य बीपीएससी प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजीत कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह नियमावली नियोजित शिक्षकों व नियुक्त होने वाले बीटेट, सीटेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के साथ सोची समझी साजिश व षड्यंत्र का एक हिस्सा है। सरकार की नीति व नियत अगर साफ है तो फिर बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा प्रतियोगिता परीक्षा में सफल कार्यरत शिक्षक व नए नियुक्ति हेतु आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों को सफल होने पर 9300-34800 रुपए का वेतनमान सहित अर्न लीव, ग्रेच्युटी, बीमा, पुरानी पेंशन योजना, आश्रितों को अनुकंपा आधारित नौकरी व पारिवारिक पेंशन सहित अन्य सुविधा व सहूलियत प्रदान करने का नियमावली आखिर क्यों नहीं बनाती है। सरकार अगर ऐसा नहीं करती है तो फिर बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा प्रतियोगिता परीक्षा लेने का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि सरकार व शिक्षा विभाग ने कई बार प्रशैक्षणिक, दक्षता परीक्षा, बीटेट, सीटेट प्रतियोगी परीक्षा आदि लेकर शिक्षकों के शैक्षणिक मापदंड का बेहतर आकलन कर लिया है, ऐसी स्थिति में सरकार व शिक्षा विभाग नियमित वेतनमान की नियमावली बनाकर शिक्षकों के जायज मांग मानते हुए उनके नाराजगी को दूर करने का प्रयास करें अन्यथा शिक्षक पूरे प्रदेश में पुतला दहन व धरना प्रदर्शन पर बाध्य रहेंगे।
Leave a Reply