रॉकी दूबे, ओबरा
ओबरा प्रखंड परिसर में गुरुवार को महागठबंधन कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार की 9 साल की तबाही के खिलाफ धरना प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू प्रखंड अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह व संचालन माले नेता दुखन राम ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जदयू के सुनील यादव एवं विश्वनाथ सिंह उपस्थित रहें। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार के 9 साल जनता के लिए चरम तबाही, बर्बादी, लूट, दमन और नफरत का भयावह दौर साबित हुआ है। जनता महंगाई की मार से त्रस्त है। यह पहली ऐसी सरकार है जो खाद्य पदार्थों से लेकर पाठ्य पुस्तकों व अन्य सामग्रियों पर भी टैक्स, जीएसटी लगा रखी है। रसोई गैस की कीमत 13 सौ रुपये प्रति सिलेंडर पार कर गई है जिससे हमारी माता बहन गोइठा लकड़ी युग में लौटने पर विवश है। उज्जवल योजना के नाम पर गरीबों को केवल मूर्ख बनाया गया है। उनके द्वारा किए गए प्रत्येक साल 2 करोड़ रोजगार का वादा भी पूरी तरह झूठ साबित हुआ है। केंद्र सरकार के कार्यालयों में लाखों पद खाली पड़े हैं पर सरकार उन पर कोई बहाली नहीं कर रही है। विगत 75 वर्षों में बेरोजगारी की ऐसी भयावह स्थिति कभी देखने को नही मिली थी। लुढ़कते रुपए के बीच विदेशी कर्ज साल दर साल बढ़कर 620.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। 2014 के पहले देश की तमाम सरकार ने कुल मिलाकर 55 लाख करोड़ का कर्ज लिया था, मोदी सरकार ने अपने 9 साल के शासन में अकेले 85 लाख करोड़ का कर्ज लिया है। देनदारियों को निपटाने में इस कर्ज का इस्तेमाल हो रहा है जिससे आम लोगों को नुकसान पहुंच रहा है। 2021 में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अनुसार देश के हर व्यक्ति के माथे पर करीब 32 हजार का कर्ज हो चला है। केंद्र सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, मनरेगा सहित अन्य ग्रामीण विकास और कल्याणकारी योजनाओं के मद में लगातार कटौती कर रही है। उसने मनरेगा में 429 रुपये मजदूरी देने से साफ इनकार कर दिया है। नोटबंदी और जीएसटी की मार से छोटे व्यवसायी अभी तक उबर नहीं पाए थे कि 2000 का नोट बंद कर काला धन पर हमले का एक बार फिर भ्रम पैदा किया जा रहा है। भाजपा द्वारा दलितों पिछड़ों के आरक्षण में कटौती की भी साजिश की जा रही है। सरकारी योजनाओं में सभी समुदाय के लिए न्याय संगत व समावेशी विकास के लिए महागठबंधन ने केंद्र सरकार से जाति आधारित सर्वे की मांग की थी जिसे उसने नकार दिया। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा था पर मोदी सरकार ने किसानों को उनकी जमीन से बेदखल कर कारपोरेट के हाथों में जमीन सौंप देने का कानून लेकर आई। जिस समय नरेंद्र मोदी संसद के नए भवन का उद्घाटन कर रहे थे ठीक उसी समय दिल्ली में यौन उत्पीड़न बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण की गिरफ्तारी की मांग कर रही महिला पहलवानों को सड़कों पर घसीटा गया। उनके आंदोलन स्थल को तोड़ दिया गया और महिला पहलवानों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे लोगों को अपमानजनक तरीके से गिरफ्तार की गई। प्रदर्शन कर रहे महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस बार 2024 में भाजपा को वापस लौटने नहीं देना है अगर भाजपा की वापसी होती है तो संविधान और लोकतंत्र का खात्मा निश्चित रूप से कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में भाकपा माले के जिला सचिव मुनारीक राम, कांग्रेस के वरीय नेता रामनरेश पांडेय, कांग्रेस नेता संजय राम जदयू नेता अशोक पांडे, राजद जिला महासचिव इंदल यादव, परिखा यादव, सुरीठ सिंह, विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद कैफ, कांग्रेस नेता एहसानुल हक अंसारी, लालू यादव, राजद प्रखंड अध्यक्ष रामप्रवेश राम, अधिवक्ता ज्ञानी जी सहित महागठबंधन के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Leave a Reply