रॉकी दूबे, ओबरा
ओबरा प्रखंड के रतवार में आयोजित हनुमत प्राण प्रतिष्ठा सह श्रीरामचरितमानस अखंड पाठ में प्रवचन के दौरान हरिद्वार के मठाधीश श्री वैकुंठानंद जी ने प्रवचन के माध्यम से बताया कि राम कथा व प्रवचन मानव कल्याण के मार्ग को प्रशस्त करता है। साथ ही मुक्ति का रास्ता बनाती है। राम कथा तमाम पापों से मुक्ति का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। उन्होंने पंचवटी में राम लक्ष्मण के प्रश्नोत्तर की चर्चा करते हुए कहा कि एक बार लक्ष्मण ने श्री रामचंद्र जी से प्रश्न किया कि माया क्या है, ज्ञान क्या है और वैराग्य क्या है और उससे भी महत्व की बात भक्ति क्या है। इस पर प्रभु श्री राम ने कहा कि जिसे मैं प्राप्त हो जाता हूं वही भक्ति है। राम कथा से हमें शिक्षा मिलती है कि हमें राम की तरह अपने माता-पिता, गुरुजनों की भावनाओं को पूरा-पूरा सम्मान करना चाहिए। इस कथा से हमें साहस और बुद्धि से प्रत्येक कठिनाइयों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है। ये कथा हमें विपरीत परिस्थितियों में धीरज बनाए रखना भी सिखाती हैं। यज्ञ समिति के अध्यक्ष रामाकांत तिवारी, जितेंद्र पाठक, अजीत चौबे, हम पार्टी के प्रदेश महासचिव सुनील कुमार चौबे, आनंद चौबे, मयंक चौबे, मिंटू कुशवाहा, विशाल सिंह, अशोक चौबे, रविंद्र दुबे सहित समिति के अन्य सदस्यों ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से हनुमंत प्राणप्रतिष्ठा सह राम कथा का भव्य आयोजन किया गया है। कार्यक्रम 7 मई से शुरू है।हनुमत प्राण प्रतिष्ठा को लेकर 12 बजे दिन में श्री श्री त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के परम शिष्य श्री लक्ष्मी प्रपन्ना जियर स्वामी जी महाराज का आगमन होगा। उसके पश्चात हनुमत प्राण प्रतिष्ठा किया जाएगा साथ ही बृहद पैमाने पर भंडारा का भी आयोजन किया जाना है। यज्ञ समिति के सदस्यों ने भक्तों से अनुरोध किया है कि इस कार्यक्रम में भाग लेकर यज्ञ को सफल बनाएं। कार्यक्रम में आसपास के गांव के लोग के साथ साथ प्रखंड भर के कई गांव से महिला पुरुष श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। इधर गांव में भक्ति का माहौल बना हुआ है।
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