फोटो:- शहर के थाना मोड पर गंदगी का अंबार यहां से गुजरने के लिए नाक बंद करना जरूरी होता है
रॉकी दूबे, ओबरा
स्वच्छता अभियान को लेकर सरकार के द्वारा करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं हालांकि कुछ जगहों पर तो इसका असर अच्छा देखने को मिल रहा है पर कुछ जगहों पर यह फेल दिखाई दे रहा है। सफाई व्यवस्था में लापरवाही स्वच्छता मिशन की मंशा पर पानी फेर दे रहा है। ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है ओबरा प्रखंड मुख्यालय में। प्रखंड मुख्यालय के पंजाब नेशनल बैंक के सामने एनएच-139 के किनारे, हरिजन छात्रावास के किनारे, सुरखी पुल के समीप सहित अन्य जगहों पर लगा कचरे का अंबार क्षेत्र की बदहाली बयां कर रही है जो मलेरिया, डेंगू, हैजा जैसे गंभीर बीमारियों को बुलावा दे रहा है। लोग स्वच्छ भारत अभियान के बारे में नही सोचते और खुले में ही कचरा फेकना उनका आदत बन गया है। खुले में कचरा फेंकने की आदत न बदलने से साफ है कि लोग इस अभियान से दिल से नहीं जुड़े हैं। यही वजह है कि वह कचरे को उचित जगह पर फेंकने की बजाए पहले की तरह आसपास निर्धारित स्थानों पर ही फेंक देते हैं। खुले में कचरा फेंकने की आदत में बदलाव न होना ही शहर में कचरे के ढेर लगे होने की मुख्य वजह है। सड़क किनारे फैले गंदगी से जाहिर होती है कि प्रखंड में स्वच्छता अभियान फेल है। सड़क पर खुले में गंदगी फैलने की वजह से राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या कहते हैं लोग
स्थानीय निवासी उमेश सिंह, अर्जुन सिंह, अजय भगत, संतोष गुप्ता, अवध बिहारी मूर्ख सहित अन्य लोगों ने बताया कि कुछ लोग रात के अंधेरे से लेकर दिन के उजाले तक में कूड़ा फेकते दिख रहे हैं। तो दूसरी ओर सफाई नही होने के कारण सड़क के मुख्य मार्ग पर कचरे का ढ़ेर लगा हुआ है। हल्की हवा आने से भी सड़क किनारे जमा कचरा दुकानों में घुस रहा है। हालांकि स्थानीय जनप्रतिनिधी को इस समस्या से अवगत कराया गया पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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